मलेरिया क्या है? इसका कारण, लक्षण, और बचाव

मलेरिया क्या है ?

मलेरिया प्लाज्मोडियम’ नाम के पैरासाइट से होने वाली बीमारी है। यह मादा एनोफिलीज’ मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर बरसात के मौसम में अधिक होते है बरसात का पानी अधिक दिनों तक जमा होने के कारण  यह गन्दा और दूषित हो जाता है । इसी गंदे व दूषित पानी से मलेरिया मच्छर की उत्पति होती है। इस मच्छर के काटने से रोगी को सर्दी, सिरदर्द के साथ बार-बार बुखार आना शुरू हो जाता है यह रोगी व्यक्ति के रक्त में प्रवेश कर उनकी कोशिकाओं को प्रभावित करता है जिससे व्यक्ति अस्वस्थ हो जाते है।

विश्व में 25 अप्रैल को मलेरिया दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए ताकि लोगो का ध्यान इस रोग पर केंद्रित हो सके और इस रोग पर अपना बचाव कर सके।

मलेरिया के कारण

  • मलेरिया एक प्रकार के परजीवी (parasite) के कारण होता है जिसे ‘प्लाज्मोडियम’ कहा जाता है। प्लाज्मोडियम परजीवी कई अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
  • प्लाज्मोडियम परजीवी मुख्य रूप से मादा ‘एनोफिल्स’ मच्छरों के काटने के कारण फैलता है, जो मुख्यतः शाम और रात को काटते हैं।
  • भारत में ज्यादातर मलेरिया के संक्रमण Plasmodiumvivax और Plasmodium Falciparum के कारण होता है।
  • मलेरिया पीड़ित व्यक्ति को लगाई सुई का प्रयोग और रक्त के आदान प्रदान से मलेरिया का संक्रमण फैलता है।

मलेरिया के लक्षण

  • मलेरिया संक्रमित रोगी को आमतौर पर एक दिन छोड़कर बुखार आता है। बुखार के साथ-साथ कंपकंपी (ठंड) भी लगती है।
  • उल्टी होना
  • पसीना आना
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • चक्कर आना।

सबसे गंभीर प्रकार के मलेरिया का कारण ‘प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम’ परजीवी है। अगर इसका शीघ्र उपचार ना हो, तो इससे आपके जीवन पर गंभीर परिणाम पड़ सकते हैं जैसे कि साँस लेने की समस्या और अंगों का काम नहीं करना

मलेरिया के बचाव

  • घर के आस पास पानी को जमा ना होने दे।
  • मच्छरों को पनपने से रोकें।
  • कूड़ेदानी की हर रोज सफाई करे।
  • रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • कपडे ऐसे पहनें जो आपके शरीर के अधिकांश भाग को ढक सके।
  • जितना जरुरत हो उतना ही घर के अंदर रहे, विशेष रूप से रात के समय जब मच्छर अधिक सक्रिय होते हैं।
  • मच्छरों को भगाने और मारने के लिए क्रीम, स्प्रे, मैट्स, कॉइल आदि इस्तेमाल करें।
  • घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार कीटनाशक दवा का छिड़काव जरूर करें।
  • रूम कूलर, फूलदान का सारा पानी हफ्ते में एक बार जरूर साफ करे।
  • पानी को उबालकर पीएं।
  • स्वास्थ बिगडने पर अपने मर्जी से कोई भी दवाई का सेवन ना करे। अगर शरीर में बुखार तेजी से बढ़ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।

मलेरिया के घरेलू उपचार

  • गिलोय मलेरिया और डेंगू के इलाज के लिए अमृत मानी जाती है। गिलोय का काढ़ा बनाकर दिन में 3-4 बार सेवन करने से आराम मिलता है।
  • 8-10 तुलसी के पत्ते और 7-8 काली मिर्च को पीसकर शहद के साथ सुबह-शाम लेने से बुखार में कमी आती है।
  • मलेरिया ग्रस्त रोगी को तरल पदार्थों के अलावा दलिया, खिचड़ी, साबुदाना जैसे हल्के और पौषक तत्वों का भरपूर आहार दें।
  • नीम का तेल भी मच्छर भगाने में बड़ा उपयोगी है। सोने से पहले थोड़ा सा नीम का तेल शरीर पर लगा लेने से मच्छर नहीं काटते।
  • मलेरिया बुखार में रोगी को संतरे का रस पिलाये। संतरे का रस बहुत फायदेमंद रहता है।

 

 

 

 

Author: Ashish Sharma

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